पर्सनल लोन vs क्रेडिट कार्ड EMI: कौन सस्ता है?
गलत क्रेडिट चुनने से हज़ारों का नुकसान हो सकता है। ब्याज दर के अंतर को आसान भाषा में समझें।
वित्तीय अस्वीकरण
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले हमेशा प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
ब्याज का जाल — सही विकल्प चुनें
बहुत से भारतीय शॉपिंग के लिए "क्रेडिट कार्ड EMI" इस्तेमाल करते हैं बिना यह जाने कि इसकी ब्याज दर कितनी ऊंची है। अक्सर, बैंक से छोटा पर्सनल लोन लेना क्रेडिट कार्ड EMI से काफी सस्ता होता है।
दोनों में फर्क
पर्सनल लोन: ब्याज दर आमतौर पर 10% से 15% होती है। प्रोसेसिंग फीस 1-2% है। EMI फिक्स और पहले से तय होती है।
क्रेडिट कार्ड EMI: 12-14% बताई जाती है, लेकिन GST और छिपी फीस मिलाकर इफेक्टिव रेट 18-22% तक पहुंच जाती है। भुगतान मिस करने पर डिफॉल्ट रेट 42% तक कूद जाता है।
कब क्या चुनें?
| स्थिति | सबसे अच्छा विकल्प | क्यों? |
|---|---|---|
| इमरजेंसी कैश (₹25K+) | पर्सनल लोन | कम ब्याज, पूर्वानुमानित EMI |
| इलेक्ट्रॉनिक्स शॉपिंग | No Cost EMI | सिर्फ तभी जब सच में 0% ब्याज + 0 प्रोसेसिंग |
| छोटी खरीदारी (<₹10K) | क्रेडिट कार्ड | सुविधा — पूरा बिल अगले महीने चुका दें |
| मेडिकल इमरजेंसी | पर्सनल लोन | ₹5-40 लाख तक, 24 घंटे में मंजूरी |
मुख्य निष्कर्ष
कोई भी EMI लेने से पहले कुल उधारी लागत (Total Cost of Borrowing) जरूर कैलकुलेट करें। ₹25,000 से ज्यादा की राशि के लिए पर्सनल लोन लगभग हमेशा सस्ता होता है। "No Cost EMI" में भी प्रोसेसिंग फीस और GST छिपी हो सकती है — हमेशा फाइन प्रिंट पढ़ें।